Road Construction: हाईवे में GSB और WMM बिछाने की पूरी प्रक्रिया
एक हाईवे प्रोजेक्ट में सड़क की मजबूती उसके बेस (Base Layers) पर टिकी होती है। अगर GSB (Granular Sub-Base) और WMM (Wet Mix Macadam) का काम सही ढंग से नहीं किया गया, तो सड़क बहुत जल्दी टूट सकती है।
इस लेख में हम साइट इंजीनियर के नजरिए से इन दोनों परतों (Layers) की बारीकियों को समझेंगे।
1. GSB (Granular Sub-Base) क्या है और क्यों जरूरी है?
GSB सड़क की वह परत है जो ड्रेनेज (Drainage) और मजबूती दोनों का काम करती है।
सामग्री: इसमें प्राकृतिक रेत, मौरंग, बजरी या कुचले हुए पत्थरों का मिश्रण होता है।
फायदा: यह ऊपर से आने वाले भारी ट्रैफिक लोड को नीचे की मिट्टी (Subgrade) पर समान रूप से फैलाता है और बारिश के पानी को सड़क के नीचे जमा नहीं होने देता।
इंजीनियर चेक: बिछाने से पहले इसकी Gradation रिपोर्ट चेक करें और सुनिश्चित करें कि रोलिंग के समय इसमें नमी (Moisture) सही मात्रा में हो।
2. WMM (Wet Mix Macadam) की प्रक्रिया
WMM सड़क का मुख्य बेस होता है। पुराने समय में WBM (Water Bound Macadam) चलता था, लेकिन अब उसकी जगह WMM ने ले ली है क्योंकि यह ज्यादा मजबूत और जल्दी तैयार होता है।
Mixing: इसे प्लांट में पत्थर के एग्रीगेट और पानी के साथ पहले से मिक्स किया जाता है।
Laying: इसे आमतौर पर 'Paver Machine' की मदद से बिछाया जाता है ताकि लेवल एकदम सही मिले।
Compaction: बिछाने के तुरंत बाद 8 से 10 टन के Vibratory Roller से इसकी रोलिंग की जाती है।
3. साइट इंजीनियर के लिए महत्वपूर्ण चेकलिस्ट (Field Checks)
सड़क निर्माण के दौरान आपको इन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
Moisture Content (OMC): रोलिंग तभी शुरू करें जब नमी Optimum Moisture Content (OMC) के करीब हो। बहुत ज्यादा पानी या बहुत सूखी परत मजबूती नहीं देगी।
Camber (ढलान): सड़क के बीच से किनारों की तरफ ढलान (Camber) जरूर चेक करें ताकि बारिश का पानी सड़क पर न रुके। हाईवे के लिए आमतौर पर यह 2% से 2.5% होता है।
Density Test: रोलिंग के बाद Sand Replacement Method या Nuclear Gauge से इसकी डेंसिटी (शुष्कता) चेक करें। यह कम से कम 98% होनी चाहिए।
Layer Thickness: सुनिश्चित करें कि एक बार में 150mm से लेकर 200mm से ज्यादा मोटी परत न डाली जाए, वरना रोलिंग सही से नहीं होगी।
4. प्राइम कोट (Prime Coat) का महत्व
WMM की परत तैयार होने के बाद उस पर 'Bitumen Emulsion' का प्राइम कोट लगाया जाता है। यह अगली डामर (Asphalt) की परत के साथ एक मजबूत जोड़ बनाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
हाईवे कंस्ट्रक्शन में क्वालिटी कंट्रोल ही सबसे बड़ी चुनौती है। अगर आप GSB और WMM के लेवल और कॉम्पेक्शन (Compaction) को सही रखते हैं, तो सड़क की लाइफ कई गुना बढ़ जाती है।
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